बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार को कॉमेडियन भारती सिंह और अभिनेता शेखर सुमन के खिलाफ दर्ज एक एफआईआर को रद्द कर दिया। यह एफआईआर एक कॉमेडी शो के दौरान कथित तौर पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में दर्ज की गई थी। अदालत ने दोनों को राहत देते हुए कहा कि कॉमेडी परफॉर्मेंस को गंभीर भाषणों वाले पैमानों से नहीं मापा जाना चाहिए।
किस मामले में दर्ज हुई थी एफआईआर?
साल 2010 में शो 'कॉमेडी सर्कस का जादू' में कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणियां करने के मामले में एफआईआर दर्ज हुई थी। इसमें कॉमेडियन और अभिनेता के अलावा, सोनी और एक स्क्रिप्ट राइटर को भी आरोपी बनाया गया था। यह एफआईआर रजा अकादमी के एक प्रतिनिधि की शिकायत के आधार पर दर्ज की गई थी। शिकायतकर्ता ने दावा किया था कि सिंह ने शो में कुरान की एक आयत पर मजाक उड़ाया था, जो इस्लाम के लिए अपमानजनक था। शिकायतकर्ता के अनुसार, सिंह के बाद सुमन ने भी उस आयत को दोहराया था।
बचाव पक्ष के वकील की दलील
कॉमेडियन और अभिनेता का प्रतिनिधित्व कर रहे वकील नितिन प्रधान ने कोर्ट में दलील दी कि इन दोनों के खिलाफ पुलिस जांच पूरी तरह से बेबुनियाद थी, क्योंकि वे तो बस एक जज और एक कलाकार के तौर पर अपनी भूमिका निभा रहे थे।
जज का बयान
जस्टिस अमित बोरकर की एकल पीठ ने एफआईआर को रद्द कर दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों में कलाकार और जज लोगों को हंसाने के लिए होते हैं। वे किसी धार्मिक समूह के खिलाफ बयान देने वाले वक्ता की स्थिति में नहीं होते। कोर्ट ने कहा कि दोनों की भूमिका इतनी दूर की थी कि उन्हें शिकायतकर्ता की तरफ से लगाए गए अपराधों के दायरे में नहीं लाया जा सकता।
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